इज़रायल और फिलिस्तीन पर अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐसा क्या कहा था जो अब वायरल हो रहा है

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इज़रायल और फ़िलिस्तीन के बीच हफ्ते भर से हिंसा जारी है. अब तक 200 से अधिक फ़िलिस्तीनी और 12 से अधिक इज़रायली लोगों की मौत हुई है.

भारत में भी लोग इज़रायल और फ़िलिस्तीन के पक्ष और विपक्ष में लिख रहे हैं. इस सबके बीच पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

ये सच है कि केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनने के बाद इज़रायल-भारत संबंध और मज़बूत हुए. पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका समेत कई देशों ने भारत की आलोचना की.

आर्थिक प्रतिबंध लगाए. मगर अमेरिका का सहयोगी होने के बावजूद इज़रायल ने भारत की निंदा नहीं की. बल्कि उसने डिफेंस से जुड़े मामलों में भारत की मदद ही की.

दोनों देशों के रिश्तों में एक और बड़ा जंप हमें दिखता है कारगिल युद्ध के दौरान. इस वक़्त इज़रायल ने भारत को हथियार दिए. कारगिल में जीत के बाद भारत ने इज़रायल से हथियार खरीदने का बड़ा सौदा किया.

इनमें ड्रोन्स, रेडार्स और मिसाइलें शामिल थीं. इसी बढ़ती दोस्ती के चलते 2003 में इज़रायली प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन भारत दौरे पर आए. 2009 में इज़रायल ने आठ बराक एयर डिफेंस सिस्टम भारत को बेचे.

खैर वापस अटल बिहारी के वायरल वीडियो पर लौटते हैं. आइए जानते हैं इस वीडियो में पूर्व पीएम अटल बिहारी क्या कह रहे हैं? अटल बिहारी वाजपेयी 1977 के लोकसभा चुनावों में जनता पार्टी की जीत के बाद नई दिल्ली के रामलीला मैदान में भाषण दे रहे थे.

इस दौरान वह भारत में भाईचारे की बात करते हैं. कहते हैं कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, जैन सहित अलग-अलग मत को मानने वाले इस देश के निर्माण में अपना योगदान देंगे.

इसके बाद वह इज़रायल और फ़िलिस्तीन के बारे में कहते हैं. कहते हैं

एक गलतफहमी पैदा की जा रही है. ये कहा जा रहा है कि जनता पार्टी की सरकार बन गई और ये सरकार अरबों का साथ नहीं देगी, इज़रायल का साथ देगी. मोरारजी देसाई इस मामले में स्थिति को स्पष्ट कर चुके हैं.

गलतफहमी को दूर करने के लिए मैं कहना चाहूंगा कि हम हरेक प्रश्न को गुण और अवगुण के आधार पर देखेंगे. लेकिन मध्यपूर्व के बारे में ये स्थिति साफ़ है कि अरबों की जिस जमीन पर इज़रायल कब्ज़ा करके बैठा हुआ,वो जमीन उसको खाली करनी होगी.

वीडियो में अटल बिहारी आगे कहते हैं

आक्रमणकारी आक्रमण के फलों का उपभोग करे, ये हमें अपने संबंध में स्वीकार नहीं है. तो, जो नियम हम पर लागू है वह औरों पर भी लागू होगा. अरबों की ज़मीन खाली होनी चाहिए. जो फ़िलिस्तीनी हैं, उनके उचित अधिकारों की प्रतिस्थापना होनी चाहिए.

वो आगे कहते हैं-

इज़रायल के अस्तित्व को तो सोवियत संघ (अब रूस)ने, अमेरिका ने स्वीकार किया है. हम भी स्वीकार कर चुके हैं. मध्यपूर्व का एक ऐसा हल निकालना होगा जिसमें आक्रमण का परिमार्जन हो और स्थायी शांति का आधार बने. इसमें गलतफहमी की गुंजाइश कहां है?

अटल बिहारी बाजपेयी का वह वायरल वीडियो देखिए. इस वीडियो में 21वें मिनट के बाद अटल जी भाषण इजरायल के मुद्दे पर शुरू होता है.

 

 

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