पतंजलि स्टोर से आउट ऑफ स्टॉक हुई ये दवा – जानिए दवा के फायदे

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कोरोना की दूसरी लहर के बीच पिछले साल पतंजलि (Patanjali ) द्वारा लाई गई दवा कोरोनिल (coronil) आउट ऑफ स्टॉक (out of stock) हो गई है.

स्थिति यह है कि पतंजलि के देशभर के किसी केमिस्ट और फॉर्मेसी आउटलेट स्टोर पर कोरोनिल दवा नहीं मिल रही. दिल्ली, गुरूग्राम और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी यह उपलब्ध नहीं है.

बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोरोनिल को कारगर बताया था. हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस दवा से कोरोनिल का इलाज होने पर आशंका जताई थी. IMA ने कोरोनिल को “गैर वैज्ञानिक प्रोडक्ट” करार दिया था.

कोरोना की दूसरी लहर से हो रही तबाही के बीच कोरोनिल टैबलेट्स को लोगों ने बड़ी मात्रा में खरीदा है और इस वजह से ये अब नहीं मिल रही. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार देश भर में केमिस्ट स्टोर्स पर अब कोरोनिल नहीं मिल रही. हालांकि न्यूज 18 इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका है.

अधिक डिमांड के कारण स्टॉक खत्म

IMA ने फरवरी में पतंजलि के इन दावों की निंदा की थी कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोरोनिल पहली प्रमाण वाली दवा है. IMA ने स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से पूछा था कि क्या इस “गैर वैज्ञानिक प्रोडक्ट” को बाजार में बिक्री के लिए लॉन्च करना ठीक है.

दिल्ली के पृथ्वीराज रोड पर जनरल स्टोर चलाने वाले कपिल पंगासा ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, “डिमांड अधिक होने के कारण हमारे पास कोरोनिल टैबलेट/किट खत्म हो गई हैं.”

 

आईएमए ने कहा था कोरोना के ईलाज को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं

रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई में डिस्ट्रीब्यूटर्स को कोरोनिल के लिए प्रति दिन ग्राहकों से 100-200 कॉल मिल रही हैं. महाराष्ट्र में बिना उचित प्रमाणपत्र के कोरोनिल को बेचने की अनुमति नहीं है. IMA के नेशनल प्रेसिडेंट जे ए जयालाल ने बताया कि IMA ने पतंजलि के इस दावे को गलत करार दिया था कि कोरोनिल का इस्तेमाल कोरोना के इलाज के लिए दवा के तौर पर किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “इसके लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.”पिछले वर्ष कोरोनिल के लॉन्च के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों के मौजूद रहने पर भी विवाद हुआ था.

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