रोहित सरदाना को दिया गया खतरनाक इंजेक्शन जो बना मौत का कारण

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आजतक के पत्रकार रोहित सरदाना के निधन के एक दिन बाद ट्विटर पर उनकी मृत्यु से आहत लोगों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई है। ट्विटर पर हैशटैग #justiceforrohitsardana चल रहा है।

इस मामले में, ट्वीट कर कई लोगों का पूछना है कि आखिर सरदाना को सिर्फ़ कोविड के हल्के लक्षण थे तब हार्ट अटैक कैसे आ गया।

भाजपा प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट किया, “रोहित सरदाना भाई को वो इंजेक्शन लगाया गया जो उनको सूट नहीं होता था, इलाज के वक्त कोई सीनियर भी नहीं था। ये लापरवाही है या कुछ और इसकी जाँच होनी चाहिए।”

तजिन्द्र पाल सिंह बग्गा के ट्वीट कास्क्रीनशॉट

भाजपा नेता व डॉक्टर ऋचा राजपूत ने लिखा, “रोहित जैसे, मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ व्यक्ति थे, को कोरोना के हल्के लक्षण थे। उन्हें कभी हार्ट अटैक नहीं आया था और न ही कोई दिल संबंधी बीमारी थी। वह सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल के आईसीयू में कुछ घंटों में खत्म हो गए। ये सही नहीं है।”

ऋचा राजपूत के ट्वीट

अंकित जैन ने लिखा, “रोहित भैया राष्ट्र की अमानत थे। उन्हें दिया गया हर ट्रीटमेंट पब्लिक होना चाहिए। इस पूरे प्रकरण में कुछ चीजें बहुत संदेहास्पद हैं।”

अंकित जैन के ट्वीट

भाजपा सांसद संजू देवी ने मामले में उच्च स्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने लिखा, “मैं रोहित सरदाना की मृत्यु में स्वास्थ्य लापरवाही के लिए मेट्रो अस्पताल के ख़िलाफ उच्च स्तरीय जाँच की माँग उठाती हूँ।”

संजू देवी के ट्वीट

वकील गौरव गोएल ने कहा, “जाँच मेडिकल लापरवाही को उजागर करेगी।”

गौरव गोएल के ट्वीट

एक अन्य यूजर ने योगी आदित्यनाथ से मामले में डीजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करवाकर रोहित सरदाना की मृत्यु पर जाँच करवाने की माँग उठाई। साथ ही जरूरत पड़ने पर सीबीआई माँग करने की भी अपील की।

कोरोना मरीज को हार्ट अटैक आने से मरने की संभावना अधिक: रिसर्च

रोहित सरदाना की मृत्यु मामले में संभवत: कोई अस्पताल की लापरवाही रही हो, लेकिन इस बात को भी नहीं नकारा जा सकता है कि कोरोना संक्रमण में मरीज की मृत्यु हार्ट अटैक से होने के चांस बहुत होते हैं।

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, जिन लोगों को कोरोना नहीं हुआ उनकी तुलना में कोरोना संक्रमितों की मौत ज्यादातर हार्ट अटैक से होती है।

इसमें डॉ पेदराम के हवाले से इसमें लिखा है, “हमारी स्टडी दिखाती है कि हार्ट अटैक और कोविड-19 बहुत घातक कॉम्बिनेशन हैं। कोरोना संक्रमित को बहुत सजगता से मॉनिटर किया जाना चाहिए और ऐसे कदम उठाने चाहिए कि उसे हार्ट अटैक न आए, हाई रिस्क मरीजों को लगातार देखरेख में रखा जाना चाहिए।”

एक आर्टिकल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी पब्लिश है। इसमें लिखा है कि कोरोना संक्रमण कई तरह से हार्ट को डैमेज करता है।

जैसे वायरस सीधे हृदय की माँसपेशियों पर आक्रमण या वहाँ सूजन कर सकता है, और यह ऑक्सीजन की आपूर्ति और माँग के बीच संतुलन को बाधित करके अप्रत्यक्ष रूप से हृदय को नुकसान पहुँचा सकता है।

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