योगी मंत्रिमंडल का विस्तार में इस व्यक्ति को मिलेगा बड़ा मंत्री पद

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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गयी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द इस बारे में राजभवन की तरफ से संदेश जारी किया जाएगा।

इस विस्तार में मुख्य रूप से पूर्व नौकरशाह और विधानपरिषद सदस्य अरविन्द कुमार शर्मा के शामिल होने की पूरी संभावना है। जबकि पंचायत चुनाव में अपने क्षेत्र ख़राब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों का पत्ता साफ़ हो सकता है।

बतातें चलें कि पिछले कई महीनों से कोरोना के चलते मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा है। लेकिन फेरबदल की संभावानाओं को आज उस समय बल मिला जब विधानपरिषद सदस्य अरविन्द कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री योगीा आदित्यनाथ के बुलावे पर उनके सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर मिलने पहुंचे। यह मुलाकात लगभग 15 मिनट तक चली।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना प्रबन्धन में पूर्व नौकरशाह अरविन्द कुमार शर्मा ने काफी बेहतरीन भूमिका निभाने का काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी के बुलावे पर वह दिल्ली भी गए थे। इसके बाद दिल्ली से वह आज लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मिले ।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि योगी मंत्रिमंडल के विधानसभा चुनाव के पहले का यह अंतिम फेरबदल होगा। जिसमें कुछ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन के कार्यो में लगाया जा सकता है जबकि संगठन में काफी समय से काम कर रहे कुछ को योगी सरकार में मौका दिया जा सकता है।

चर्चा यह भी है कि नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है। आरोपों में घिरने वाले और खराब कामकाज वालों को बाहर किया जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए जातीय व क्षेत्रीय समीकरण को महत्व दिए जाने की चर्चा भी है।

इस समय मंत्रिमंडल में 54 सदस्य हैं जिनमें 23 कैबिनेट 9 स्वतंत्र प्रभार तथा 22 राज्य मंत्री हैं। 19 मार्च 2017 को सरकार गठन के बाद 22 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान उनके मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थें। इस कार्यक्रम में शपथ लेने वाले कुल 23 लोगों में 18 नए चेहरे शामिल किए गए थें।

परन्तु पिछले साल योगी कैबिनेट के दो मंत्रियों चेतन चौहान और कमल रानी वरुण का कोरोना की वजह से निधन हो गया था। जिसके बाद से यह दोनों मंत्रिपद खाली चल रहे हैं।

साथ ही कुछ मंत्रियों को उनके कमजोर कार्यशैली को देखते हुए उन्हे हटाकर संगठन की जिम्मदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

गुजरात कैडर के आईएएस रहे अरविंद शर्मा को एमएलसी चुनाव के बाद यूपी सरकार में अहम जिम्मेदारी देना तय माना जा रहा हैं। मंत्रिमंडल में अरविन्द शर्मा के अलावा लक्ष्मण आचार्य, सलिल विश्नोई को मौका दिया जा सकता है। इन तीनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी से नजदीक होने के कारण देखा जा रहा है।

मिशन 2022 को लेकर तैयारियों में जुटी भाजपा इस मंत्रिमंडल विस्तार से कई समीकरण साधने की तैयारी में है। इसके तहत जिन वर्गों अभी तक मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है उन्हें मौका मिल सकता है।

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